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Dada Bhagwan - Chalo Chalte Huve Lyrics



Dada Bhagwan - Chalo Chalte Huve Lyrics
Official




चलो चलते हुए
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जिसने स्वरूप प्रकट किया रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
माथे मुकुट या काली टोपी पहनते रे
माथे मुकुट या काली टोपी पहनते रे
धोती और कोट में दादा मनमोहक रे
धोती और कोट में दादा मनमोहक रे
वे तो कुमकुम के चरणों से हंसते हंसाते
कुमकुम के चरणों से हंसते हंसाते
धीरे से जल्दी चलते रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
क्षत्रिय कुल और रतन गौत्र में जन्मे रे
क्षत्रिय कुल और रतन गौत्र में जन्मे रे
वे तो भागीदारी में कॉन्ट्रेक्ट का धंधा करते रे
वे तो भागीदारी में कॉन्ट्रेक्ट का धंधा करते रे
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जिसने स्वरूप प्रकट किया रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
सूरत स्टेशन पर ढलती हुई एक शाम में
सूरत स्टेशन पर ढलती हुई एक शाम में
वे तो भोजन के बाद बैंच पे आकर बैठे थे
वे तो भोजन के बाद बैंच पे आकर बैठे थे
तब पलक झपकते ही ब्रह्मांडभर में
पलक झपकते ही ब्रह्मांडभर में
बिना पंख वे विचरे रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
फूटे फवारे ज्ञान के रग रग में रे
फूटे फवारे ज्ञान के रग रग में रे
ऐसा प्रकाश प्रकटा ब्रह्मांडी आवरण टूटे रे
ऐसा प्रकाश प्रकटा ब्रह्मांडी आवरण टूटे रे
ऐसे जल में स्थल में आकाश पाताल में
जल में स्थल में आकाश पाताल में
ज्ञान दर्शन से पहुँचे रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
संसारी जाल और विपरीत काल में प्रकटे रे
संसारी जाल और विपरीत काल में प्रकटे रे
ऐसे मुक्ति के मार्ग पर ज्ञान के दीपक प्रकटे रे
ऐसे मुक्ति के मार्ग पर ज्ञान के दीपक प्रकटे रे
वे तो पूरे ब्रह्मांड में अक्रम झलक में
पूरे ब्रह्मांड में अक्रम झलक में
दादा भगवान हो विचरे रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जिसने स्वरूप प्रकट किया रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
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चलो चलते हुए
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जिसने स्वरूप प्रकट किया रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
माथे मुकुट या काली टोपी पहनते रे
माथे मुकुट या काली टोपी पहनते रे
धोती और कोट में दादा मनमोहक रे
धोती और कोट में दादा मनमोहक रे
वे तो कुमकुम के चरणों से हंसते हंसाते
कुमकुम के चरणों से हंसते हंसाते
धीरे से जल्दी चलते रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
क्षत्रिय कुल और रतन गौत्र में जन्मे रे
क्षत्रिय कुल और रतन गौत्र में जन्मे रे
वे तो भागीदारी में कॉन्ट्रेक्ट का धंधा करते रे
वे तो भागीदारी में कॉन्ट्रेक्ट का धंधा करते रे
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जिसने स्वरूप प्रकट किया रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
सूरत स्टेशन पर ढलती हुई एक शाम में
सूरत स्टेशन पर ढलती हुई एक शाम में
वे तो भोजन के बाद बैंच पे आकर बैठे थे
वे तो भोजन के बाद बैंच पे आकर बैठे थे
तब पलक झपकते ही ब्रह्मांडभर में
पलक झपकते ही ब्रह्मांडभर में
बिना पंख वे विचरे रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
फूटे फवारे ज्ञान के रग रग में रे
फूटे फवारे ज्ञान के रग रग में रे
ऐसा प्रकाश प्रकटा ब्रह्मांडी आवरण टूटे रे
ऐसा प्रकाश प्रकटा ब्रह्मांडी आवरण टूटे रे
ऐसे जल में स्थल में आकाश पाताल में
जल में स्थल में आकाश पाताल में
ज्ञान दर्शन से पहुँचे रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
संसारी जाल और विपरीत काल में प्रकटे रे
संसारी जाल और विपरीत काल में प्रकटे रे
ऐसे मुक्ति के मार्ग पर ज्ञान के दीपक प्रकटे रे
ऐसे मुक्ति के मार्ग पर ज्ञान के दीपक प्रकटे रे
वे तो पूरे ब्रह्मांड में अक्रम झलक में
पूरे ब्रह्मांड में अक्रम झलक में
दादा भगवान हो विचरे रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
चलो चलते हुए चलो घूमते हुए
जय दादा की बोलना रे
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जन्मे भादरण गाँव दादा भगवान नाम
जिसने स्वरूप प्रकट किया रे जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
जय दादा की बोलना रे
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Writer: Dada Bhagwan
Copyright: Lyrics © O/B/O DistroKid

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Dada Bhagwan - Chalo Chalte Huve Video
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Performed By: Dada Bhagwan
Language: English
Length: 5:57
Written by: Dada Bhagwan
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